वृंदावन के मंदिर: बाँके बिहारी, राधा रमण, इस्कॉन, प्रेम मंदिर और राधा वल्लभ
वृंदावन के पाँच प्रसिद्ध मंदिरों और उनकी पहचान का सरल परिचय।
अपडेट: 25 Oct 2026
वृंदावन श्रीकृष्ण की लीलाभूमि के रूप में जाना जाता है। यहाँ सैकड़ों मंदिर हैं; उनमें से पाँच का संक्षिप्त परिचय यहाँ है।
बाँके बिहारी मंदिर
वृंदावन के सबसे प्रसिद्ध कृष्ण मंदिरों में से एक। ठाकुर बाँके बिहारी जी का संबंध स्वामी हरिदास जी की परंपरा से है। दर्शन में बार-बार पर्दा डाला जाना इसकी विशेष पहचान है।
राधा रमण मंदिर
500 वर्ष से भी पहले गोपाल भट्ट गोस्वामी ने इसकी स्थापना की। मान्यता है कि विग्रह शालिग्राम शिला से स्वयं प्रकट हुआ।
इस्कॉन वृंदावन (कृष्ण-बलराम मंदिर)
इस्कॉन के संस्थापक ए. सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद ने 1975 में इसकी स्थापना की। कीर्तन-आरती के लिए प्रसिद्ध; प्रभुपाद की समाधि परिसर में है।
प्रेम मंदिर
सफेद इटैलियन संगमरमर से बना आधुनिक मंदिर, जो राधा-कृष्ण और सीता-राम को समर्पित है। जगद्गुरु कृपालु महाराज द्वारा स्थापित; 2012 में खुला और शाम की रोशनी के लिए प्रसिद्ध है।
राधा वल्लभ मंदिर
हित हरिवंश महाप्रभु द्वारा स्थापित राधा वल्लभ संप्रदाय का प्रमुख मंदिर। श्रीकृष्ण यहाँ राधा वल्लभ रूप में पूजे जाते हैं; पास रखा मुकुट श्रीराधा का प्रतीक है। प्रेमपूर्ण सेवा परंपरा और भक्ति संगीत के लिए जाना जाता है।
जाने से पहले
मौसम और उत्सवों के अनुसार मंदिरों के समय बदलते हैं, इसलिए यात्रा से पहले मंदिर से पूछ लें। जो नहीं जा सकते, वे हमारे मंदिर पेज से मंदिर के नाम का प्रसाद पैक मँगा सकते हैं या अपने नाम से सेवा बुक कर सकते हैं।