वृंदावन का प्रसाद · आपके नाम से पूजा · पूजा के फ़ोटो व वीडियो · राधे राधे
हिन्दी

प्रसाद क्या है? हिंदू पूजा में प्रसाद का अर्थ और महत्व

प्रसाद वह भोजन या अर्पण है जो पहले देवता को चढ़ाया जाता है और फिर भक्तों में बाँटा जाता है। जानिए इसका अर्थ और ग्रहण करने की परंपरा।

अपडेट: 25 Oct 2026

प्रसाद क्या है? हिंदू पूजा में प्रसाद का अर्थ और महत्व

प्रसाद एक संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ है कृपा या अनुग्रह। हिंदू पूजा में प्रसाद वह भोजन या अर्पण है जो पहले देवता को चढ़ाया जाता है और फिर आशीर्वाद के रूप में भक्त को लौटता है।

प्रसाद क्यों चढ़ाया जाता है?

  • स्वयं कुछ ग्रहण करने से पहले देवता के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने के लिए।
  • आशीर्वाद पाने के लिए, ताकि भोजन केवल भोजन न रहकर भक्ति की याद बन जाए।
  • उस आशीर्वाद को परिवार, मित्रों और पड़ोसियों के साथ बाँटने के लिए।

प्रसाद क्या-क्या हो सकता है?

प्रसाद मंदिर और परंपरा के अनुसार अलग-अलग होता है। मिठाई, फल, सूखे मेवे, तुलसी पत्र, फूल, चंदन या पका हुआ भोग, सब प्रसाद हो सकते हैं। कई परिवार घर के मंदिर में थोड़ा प्रसाद रखते भी हैं।

प्रसाद ग्रहण करने के नियम

  • साफ़ हाथों से, श्रद्धा के साथ ग्रहण करें।
  • उसे व्यर्थ न करें, पूरा ग्रहण करें।
  • दूसरों को भी थोड़ा बाँटें, ताकि आशीर्वाद सबके साथ बँटे।

वृंदावन का प्रसाद

श्रीकृष्ण की भूमि वृंदावन में बाँके बिहारी, राधा रमण, इस्कॉन, प्रेम मंदिर और राधा वल्लभ जैसे अनेक मंदिर हैं। जो भक्त वहाँ नहीं जा सकते, वे मंदिर के नाम का प्रसाद पैक मँगाकर घर में रख सकते हैं। हमारे प्रसाद पेज पर पैक और बॉक्स देखें।