घर पर आरती करने के सरल चरण
दीप जलाने से आरती लेने तक घर की आरती के सरल चरण और सुरक्षा की बातें।
अपडेट: 25 Oct 2026
आरती का अर्थ है दीप घुमाकर भगवान का सम्मान करना। मंदिर में यह घंटे, शंख और गायन के साथ होती है। घर पर भी इसे सरल रूप में किया जा सकता है।
तैयारी
- सुबह या शाम का एक तय समय चुनें।
- पूजा का स्थान साफ़ करें और हाथ-पैर धो लें।
- घी का दीपक या कपूर, छोटा घंटा, फूल और एक थाली रखें।
चरण
- दीप जलाकर देवता के सामने थाली में रखें।
- घंटी बजाते हुए आरती गाएँ या प्रभु का नाम लें।
- दीप को घड़ी की दिशा में गोल घुमाएँ, कई बार।
- अंत में थोड़ा शांत होकर प्रणाम करें।
- आरती के बाद दोनों हाथ लौ के पास लाकर आँखों और माथे से लगाने को ‘आरती लेना’ कहते हैं।
सुरक्षा
दीप को पर्दे, कागज़ और सूखे फूलों से दूर रखें और छोटे बच्चों की पहुँच से बाहर। आरती के बाद जलते दीप को अकेला न छोड़ें।