वृंदावन का प्रसाद · आपके नाम से पूजा · पूजा के फ़ोटो व वीडियो · राधे राधे
हिन्दी

अपनों को उपहार में प्रसाद: कब और कैसे

गृहप्रवेश, जन्मदिन, विवाह या बीमार रिश्तेदार: कहाँ प्रसाद एक अच्छा उपहार हो सकता है।

अपडेट: 25 Oct 2026

अपनों को उपहार में प्रसाद: कब और कैसे

प्रसाद ऐसा उपहार है जिसकी क़ीमत दाम से नहीं, भावना से होती है। यह ख़ासकर उस इंसान के लिए अच्छा है जो वृंदावन जाना चाहता था पर जा नहीं पाया।

कुछ मौक़े जब यह अच्छा लगता है:

  • नए घर में प्रवेश या दुकान खुलने पर
  • माता-पिता के जन्मदिन या शादी की सालगिरह पर
  • जो बीमार थे और अब ठीक हो गए हैं
  • विवाह, अन्नप्राशन या नई नौकरी पर
  • दीपावली, जन्माष्टमी या कोई और त्योहार

कैसे भेजें

ऑर्डर करते समय उस व्यक्ति का पता दें जिसे उपहार देना है। कुछ ख़ास बताना हो तो ऑर्डर नोट में लिखें।

अगर आप उसके नाम से पूजा भी करवाना चाहते हैं तो नाम और गोत्र चाहिए होगा। किसी का गोत्र अंदाज़े से न लिखें। पहले घर के किसी सदस्य से फ़ोन करके पूछ लें।

दाम की बात

दाम से ज़्यादा ज़रूरी है समय पर पहुँचना। जन्मदिन या त्योहार से कुछ दिन पहले ऑर्डर करें।

प्रसाद क्या है? हिंदू पूजा में प्रसाद का अर्थ और महत्व

प्रसाद वह भोजन या अर्पण है जो पहले देवता को चढ़ाया जाता है और फिर भक्तों में बाँटा जाता है। जानिए इसका अर्थ और ग्रहण करने की परंपरा।

और पढ़ें