तिलक और चंदन: सरल परिचय
वैष्णव तिलक, चंदन और गोपीचंदन का सरल परिचय और उपयोग में कुछ सावधानियाँ।
अपडेट: 25 Oct 2026
माथे पर तिलक लगाना हिंदू परंपरा की कई धाराओं की रीत है। वैष्णव आमतौर पर दो खड़ी रेखाओं का तिलक लगाते हैं। शैव तिलक आम तौर पर आड़ी रेखाओं का होता है और उसमें भस्म का प्रयोग होता है।
किससे बनता है
ब्रज में मुख्यतः दो चीज़ें दिखती हैं। एक चंदन, यानी चंदन की लकड़ी को घिसकर बना लेप, जो ठंडा और सुगंधित होता है। दूसरा गोपीचंदन, एक हल्के रंग की मिट्टी, जिसे परंपरा में गोपियों की मिट्टी कहा जाता है।
कैसे लगाया जाता है
कई लोग अनामिका उँगली से चंदन लगाते हैं। तिलक लगाते समय मन में भगवान का नाम लेने की रीत है। भक्त कहते हैं कि यह याद दिलाता है कि शरीर एक मंदिर है।
कुछ सावधानियाँ
- त्वचा संवेदनशील हो तो पहले थोड़ी जगह पर लगाकर देखें।
- रंग मिले या रासायनिक पाउडर की जगह असली चंदन या मिट्टी लें।
- आँखों के पास, खासकर बच्चों में, सावधानी रखें।