वृंदावन का प्रसाद · आपके नाम से पूजा · पूजा के फ़ोटो व वीडियो · राधे राधे
हिन्दी

वृंदावन महीने-दर-महीने: कब क्या होता है

साल के किस महीने वृंदावन में कौन सा उत्सव और कैसा मौसम रहता है, यात्रा की योजना का आसान ढाँचा।

अपडेट: 25 Oct 2026

वृंदावन महीने-दर-महीने: कब क्या होता है

तारीख़ें हर साल बदलती हैं, इसलिए ये महीनों का मोटा अंदाज़ा है।

  • दिसंबर से जनवरी: ठंड और कोहरा। भीड़ कम, शांति से दर्शन।
  • फ़रवरी: बसंत पंचमी और होली की तैयारी।
  • मार्च: होली, और बरसाना-नंदगाँव की लट्ठमार।
  • अप्रैल: राम नवमी, और गर्मी बढ़ने लगती है।
  • मई से जून: भीषण गर्मी, और अक्षय तृतीया की चंदन सेवा। बुज़ुर्गों के लिए अच्छा समय नहीं।
  • जुलाई से अगस्त: बरसात, झूलन, गुरु पूर्णिमा। उमस भरा मौसम।
  • अगस्त से सितंबर: जन्माष्टमी और राधाष्टमी। बहुत भारी भीड़।
  • अक्टूबर: शरद पूर्णिमा, और मौसम सुहावना होने लगता है।
  • अक्टूबर से नवंबर: कार्तिक मास, दीपावली, गोवर्धन पूजा। सुंदर मौसम पर भीड़।

शांति चाहिए तो सर्दी में जाएँ। कोई उत्सव देखना हो तो उसी उत्सव के सप्ताह में। आराम चाहिए तो अक्टूबर के अंत से फ़रवरी तक।

प्रसाद क्या है? हिंदू पूजा में प्रसाद का अर्थ और महत्व

प्रसाद वह भोजन या अर्पण है जो पहले देवता को चढ़ाया जाता है और फिर भक्तों में बाँटा जाता है। जानिए इसका अर्थ और ग्रहण करने की परंपरा।

और पढ़ें