वृंदावन परिक्रमा: मार्ग, समय और ध्यान रखने की बातें
परिक्रमा का अर्थ, कितना चलना पड़ता है और कब जाना सुविधाजनक है।
अपडेट: 25 Oct 2026
परिक्रमा का अर्थ है किसी पवित्र स्थान को अपने दाहिनी ओर रखकर उसके चारों ओर पैदल घूमना। वृंदावन का भी एक परिक्रमा मार्ग है जो पूरे नगर को घेरता है।
आमतौर पर इसे लगभग 10 किलोमीटर बताया जाता है। आराम से चलें तो कुछ घंटे लगते हैं। रास्ते में छोटे मंदिर, आश्रम और दुकानें मिलती हैं। बहुत लोग भोर में शुरू करते हैं, क्योंकि तब धूप कम और भीड़ कम होती है।
जाने से पहले
- आरामदायक चप्पल-जूते पहनें। कुछ लोग नंगे पैर चलते हैं, पर गर्मी में सड़क बहुत तपती है।
- पानी साथ रखें।
- क़ीमती सामान, गहने और ज़्यादा नकदी साथ न रखें।
- बंदर हैं। हाथ में खाना, चश्मा और फ़ोन हो तो सावधान रहें।
- मौसम: अक्टूबर से मार्च तक अपेक्षाकृत आरामदायक है, गर्मी और बरसात में मुश्किल ज़्यादा होती है।
साथ में बुज़ुर्ग या बीमार हों तो रिक्शा या दूसरे साधन के बारे में स्थानीय लोगों से पूछ लें। अपनी क्षमता से आगे जाने की ज़रूरत नहीं।