वृंदावन का प्रसाद · आपके नाम से पूजा · पूजा के फ़ोटो व वीडियो · राधे राधे
हिन्दी

क्यों भोगडाक: प्रसाद को सबके पास पहुँचाने की कोशिश

जो लोग वृंदावन नहीं जा पाते उन तक प्रसाद पहुँचाने की कोशिश। यह पहल क्यों शुरू हुई और हम कहाँ पहुँचना चाहते हैं।

अपडेट: 25 Oct 2026

क्यों भोगडाक: प्रसाद को सबके पास पहुँचाने की कोशिश

बहुत से लोगों के मन में वृंदावन जाने की इच्छा होती है, पर हर किसी का जाना नहीं हो पाता। कोई बीमार है, कोई बुज़ुर्ग, किसी को छुट्टी नहीं मिलती, किसी के पास यात्रा का ख़र्च नहीं, और कोई देश के दूसरे कोने या विदेश में रहता है।

हमने प्रसाद की बर्बादी भी देखी है। मंदिर तक पहुँचा प्रसाद का एक हिस्सा ख़राब हो जाता है, और जिन्हें सबसे ज़्यादा इच्छा होती है उन तक वह नहीं पहुँचता। भोगडाक इस दूरी को कम करने की एक छोटी कोशिश है।

हम क्या चाहते हैं

  • 101 रुपये से शुरुआत, ताकि आम परिवार भी मँगा सके।
  • एक फ़्री पैक, जिसमें सिर्फ़ 51 रुपये डिलीवरी देनी होती है।
  • जो नाम और दाम दिखे वही अंतिम हो, कोई छिपा ख़र्च नहीं।
  • आज भारत में, आगे जहाँ-जहाँ भक्त हैं वहाँ तक।

हम अभी छोटे हैं। कहीं चूक हो तो बताइए, हम सुधार करेंगे। और अगर आपके आसपास कोई और यह काम हमसे बेहतर कर रहा है, तो उन्हें भी शुभकामनाएँ।

प्रसाद क्या है? हिंदू पूजा में प्रसाद का अर्थ और महत्व

प्रसाद वह भोजन या अर्पण है जो पहले देवता को चढ़ाया जाता है और फिर भक्तों में बाँटा जाता है। जानिए इसका अर्थ और ग्रहण करने की परंपरा।

और पढ़ें