अक्षय तृतीया और चंदन सेवा: गर्मी में ठाकुर जी की देखभाल
वैशाख की तृतीया शुभ क्यों मानी जाती है और गर्मी में ठाकुर जी को चंदन लगाने की रीत क्या है।
अपडेट: 25 Oct 2026
वैशाख मास की शुक्ल तृतीया अक्षय तृतीया है। "अक्षय" यानी जिसका क्षय न हो। इसलिए इस दिन नया काम शुरू करना, दान देना या कुछ ख़रीदना शुभ माना जाता है।
इस समय ब्रज में भीषण गर्मी पड़ती है। गर्मी में वृंदावन के मंदिरों में ठाकुर जी को ठंडक देने के लिए चंदन का लेप लगाने की रीत है, जिसे चंदन सेवा या चंदन यात्रा कहते हैं। हल्की सफ़ेद पोशाक, फूलों का शृंगार और शीतल पेय या फल का भोग भी गर्मी की सेवा का हिस्सा है।
कहा जाता है कि बाँके बिहारी मंदिर में इस दिन ठाकुर जी के चरण दर्शन होते हैं। वास्तव में क्या व्यवस्था है, यह हर साल मंदिर की सूचना से देख लें।
घर पर गर्मी में ठाकुर जी को हल्का वस्त्र पहनाएँ, थोड़ा चंदन लगाएँ और तुलसी के साथ जल या शीतल पेय चढ़ाएँ।