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ब्रज में ‘राधे राधे’ क्यों कहा जाता है

मथुरा-वृंदावन के सबसे जाने-पहचाने अभिवादन का सरल परिचय और इसे कब कहा जाता है।

अपडेट: 25 Oct 2026

ब्रज में ‘राधे राधे’ क्यों कहा जाता है

मथुरा, वृंदावन या बरसाना में लगभग हर किसी के मुँह से एक ही अभिवादन सुनाई देता है: ‘राधे राधे’। दुकानदार, पुजारी, रिक्शा चालक और राह चलते लोग, सब इसी तरह नमस्कार करते हैं।

इसका भाव

ब्रज की कई भक्ति परंपराओं में श्रीराधा को कृष्ण-भक्ति के केंद्र में रखा जाता है। इसीलिए कृष्ण से पहले भी राधा का नाम लेने की रीत है, जैसे ‘राधा-कृष्ण’। ‘राधे राधे’ कहकर लोग सामने वाले को भक्ति भरी शुभकामना देते हैं।

कब कहा जाता है

मिलते समय, विदा लेते समय, धन्यवाद कहने के लिए, यहाँ तक कि फ़ोन उठाते समय भी। इसका कोई तय नियम नहीं है। कोई आपको ऐसे नमस्कार करे तो आप भी वही शब्द कह सकते हैं।

आप क्या करें

ब्रज में जाएँ तो मन से कहिए, इतना काफ़ी है। उच्चारण की चिंता न करें। न आता हो तब भी कोई बुरा नहीं मानता, लोग बल्कि खुश होते हैं।

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