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तुलसी माला और जप के सरल नियम

108 मनकों की माला कैसे गिनी जाती है, कैसे पकड़ी जाती है और कैसे सँभाली जाती है।

अपडेट: 25 Oct 2026

तुलसी माला और जप के सरल नियम

जप का अर्थ है किसी नाम या मंत्र को धीरे-धीरे, मन में या हल्के स्वर में बार-बार दोहराना। गिनती के लिए जपमाला का प्रयोग होता है। वैष्णव आम तौर पर तुलसी की माला चुनते हैं।

माला की बनावट

माला में प्रायः 108 मनके होते हैं और एक बड़ा मनका होता है जिसे सुमेरु या गुरु-मनका कहते हैं। सुमेरु से शुरू करके फिर वहीं पहुँचना एक पूरा चक्कर है।

गिनती कैसे होती है

  • सुमेरु के पास वाले मनके से शुरू करें और हर मनके पर एक बार नाम बोलें।
  • सुमेरु को लाँघें नहीं। वहाँ पहुँचकर माला पलट लें और उलटी दिशा से चलें।
  • मनके अँगूठे और मध्यमा से खिसकाए जाते हैं। कई लोग तर्जनी का प्रयोग नहीं करते।

शुरुआत कैसे करें

नए लोग एक चक्कर से शुरू कर सकते हैं। इस्कॉन के दीक्षित भक्त आम तौर पर रोज़ सोलह चक्कर जपते हैं, पर आप अपने समय के अनुसार तय करें।

देखभाल

माला को साफ़ जगह रखें, ज़मीन पर न गिराएँ। उपयोग के बाद साफ़ कपड़े या थैली में रखें।

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